पुणे आंटी की चुदाई

जैसा की मैने बताया की यह एक सेक्सी  आंटी की चुदाई कहानी है, आंटी की
एज 45 ईयर है, फिगर 36-34-40 की है और जैसा की मैं बता दूं मैं बड़ी गॅंड
आंटीस एंड भाभी को पसंद करता हूँ जो सेक्स की भूकी हो हाल में मैने एक एड
दिया था जिगलो का नेट पे, करीब एक हफ्ते के बाद पुणे से एक आंटी ने मैल
किया, फिर हम लोगों ने नंबर एक्सचेंज किया और बातें करने लगे, उन्होने कहा
की मैं आपसे मिलना चाहती हूँ, मैने तुरंत हा कर दी, और उनसे मिलने के लिए
संडे को मैं नाशिक से पुणे आ गया.

आंटी के हज़्बेंड बीमार रहते थे
जिस कारण से आंटी संतुष्ट नही हो पा रही थी, आंटी के दो बच्चे थे, बड़ा
बेटा यूएस में जॉब करता था और छोटा बेटा जिस की उमरकरीब 20 साल थी वो
इंजिनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था दूसरे शहर में.

तो दोस्तों जैसा की
मैने बताया की मैं एक हाइ क्लास कॉल बॉय हूँ और बहुत ही नॉमिनल चार्ज करता
हूँ ख़ास कर आंटीयो से, आंटीस मेरी कमज़ोरी रही हैं, जब वो अपनी बड़ी गॅंड
और बड़े बूब्स को हिला हिला कर चलती हैं तो क्या बताउ मेरे जिस्म में आग लग
जाती है.

तो यह आंटी ने मुझे मुंबई बुलाया, मैं करीब सुबह में 11
बजे ठाने पहुच कर फोन किया, आंटी ने बोला की वो अभी बाथरूम में नहा रही है
और तय्यार हो कर आने में करीब दो घंटे लग जाएँगे.

मैने कहा ठीक है आंटी मैं वेट करता हूँ और ठाने स्टेशन पे बैठ कर मैं टाइम पास करने लगा.

करीब 1 बजे आंटी का कॉल आया की मुझे तुम कहाँ पे हो, मैने उन्हे अपनी लोकेशन दी और पहचानने के लिए अपने शर्ट की कलर बता दी, कुच्छ ही देर बाद एक सेक्स की देवी मेरे सामने खड़ी थी, वो एक पिंक कलर की साड़ी में बिल्कुल काम की देवी लग रही थी, इस उमर में भी इतनी कामुकता,

भगवान ने क्या बनाया था उनको.

फिर जल्द ही हम दोनों ने ऑटो लिया और ठाने की एक हाउसिंग सोसाइटी के
फ्लॅट मे चले गये, वो फ्लॅट उनकी एक फ्रेंड का था जिसकी उमर करीब 45 ईयर के
आस पास थी, उनके पति दूसरे शहर में जॉब करते थे.

खैर थोड़ी देर बाद
आंटी ने मुझे अपनी फ्रेंड से इंट्रोड्यूस कराया और बताया की मैं एक कॉल बॉय
हूँ, ये सुनकर फ्रेंड आंटी के चेहरे पे एक कामुक मुस्कान आ गई और उन्होने
मुझे एक आँख मारी, मैं भी हल्केसे मुस्कुरा दिया.
आफ्टर सम टाइम, आंटी और मैं बेड रूम में चले गये.

अंदर घुसतेही आंटी ने दरवाज़ा लगा दिया और मुझे ज़ोर से हग किया, मुझ से भी रहा नही गया, और आंटी को मैने ज़ोर ज़ोर से लीप किस करने लगा, कुछ देर ऐसे रहने के बाद मैने आंटी को वॉल की तरफ घुमा दिया और मैं पीछे से जाकर उनकी फुटबॉल की तरह निकली हुई गॅंड को अपने लंड से मसाज देने लगा.

फिर मैने आंटी को पीछे से जकड लिया और उनकी बूब्स को पीछे से हाथ ले
जाकर ज़ोर से मसलने लगा और उनके ईयरलोब को दाँतों से काटना शुरू कर दिया,
आंटी अब काफ़ी गरम हो चुकी थी, उनकी चुचें उपर नीचे हो रही थी और काफ़ी
टाइट हो गये थे, निप्पल बिल्कुल खड़े हो गये थे, आंटी की आँखें बंद किए हुए
थी काम की देवी लग रही थी.

करीब 10 मिनिट तक मैं आंटी को इसी पोज़िशन में रख कर पीछे से उनकी गॅंड का लंड से मसाज करता रहा और ईयर लोबस को भी चूस्ते रहा, बूब्स मसाज भी कर रहा था, फिर आंटी ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे बेड पे पटक दिया, और फिर मेरे उपर आ गयी.

मैने आंटी को अपने उपर ज़ोर से टाइट ग्रिप में ले लिया, उनकी दोनों मोटी
जांघों को मैने अपने जांघों में फँसा लिया और उनके मोटे मोटे चूतड़ को
दबाने शुरू कर दिया, मेरे मर्द वाले हाथों से एक कामुक नारी के चूतड़ का
मर्दन हो रहा था.

फिर आंटी सिसकियाँ लेती हुई उठी और मैने आंटी को
फ्रेंच किस करना शुरू कर दिया दोस्तों क्या बताउ वो वासना से भरी हुई नारी
थी और वो मुझ से ज़्यादा सेक्स की भूकी थी.

उसने 20 मिनिट तक मेरे
लिप्स को अपने मुँह में दबएरखा और लगभग हमलोगो ने 100 ग्राम से ज़्यादा थूक
एक्सचेंज किए होंगे, फिर आंटी ने अपनी साड़ी खोलना शुरू कर दिया.

फिर
मैने उनके पेटिकोट को खोला और ब्लाउझ को भी खोल दिया, अब वो एक गरमा गरम
माल की तरह थी जिसे एक सूखा शेर खाने को अतियार बैठा था, आंटी की गॅंड बहुत
बड़ी थी, आंटी एक गुजराती महिला थी और आप लोग जानते हैं की गुजराती
आंटीयों की गॅंड कितनी मस्त होती हैं.

तो इस तरह से एक कामुक गुजराती
आंटी मेरे सामने नंगी थी जिसकी बरसों की अन्तर्वासना मैं शांत करना चाहता
था, धीरे धीरे मैने भी अपने कपड़े उतार दिए और नंगा होकर बेड पे लेट गया,
आंटी उठी और हम 69 पोज़ में आ गये.
आंटी एक बहुत ही मस्त चूसने वाली
औरत थी, उसने मेरे लॅंड को चूस चूस कर काफ़ी टाइट कर दिया और नाग की तरह
फुफ्करने लगा, आंटी भी काफ़ी गरम हो चुकी थी.

मैने आंटी को अलग किया
और डोगी स्टाइल में कर दिया, मैं पीछे से आकर उनकी फूली हुई चूत में अपना
लंड पेल दिया, मेरा लंड मोटा होने के कारण आधा ही अंदर घुस पाया.

आंटी-, जान धीरे से डालो.

मैं- आंटी लग रहा है काफ़ी दीनो से नही चुदि हो.

आंटी- हान जान,
तुम सही कह रहे हो आज दो साल बाद लंड अंदर ले रही हूँ, क्या करें जब से वो
बीमार पद गये तब से मैने काफ़ी सब्र किया है बेटा.

मैं- आंटी आप की चुत बहुत टाइट है, किसी से चुदि क्यों नही.

आंटी- समाज के डर से कहीं जोशुआ नही की लेकिन जब एक दिन मैं काफ़ी गरम हो कर अपनी चूत में उंगली कर रही थी तो मेरे दिमाग़ में आइडिया आया की क्यों ना कॉल बॉय की मदात ली जाय, फिर हमने आपका एड देखा और कॉंटॅक्ट किया

मैं- फिर इस तरह धीरे धीरे बातें करते हुए एक ज़ोर का धक्का दिया और
पूरा लंड दनदनाते हुए अंदर चला गया, आंटी ज़ोर से चीखी पर मैने अपने हाथ से
उनका मुँह बंद कर रहा था.

आंटी- मार डालोगे क्या, धीरे धीरे करो यार.

मैं- अरे आंटी घबराती क्यों हो अभी तो शुरुआत है.

फिर इस तरह मैने
धीरे धीरे अपनी स्पीड बढ़ाया और उनको ज़ोरदार स्ट्राइक से करने लगा, आंटी
सिसकियाँ लें रही थी और पूरा रूम फ़च फ़च, आह, आ एम्म्म, ह्म से गूंजने
लगा, इस तरह मैने आंटी को लगभग दस मिनिट तक चोदता रहा.

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